चंपावत

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा: लंबित शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 5 अक्टूबर 2026 | 06:40 PM15

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा: लंबित शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर

चंपावत, जनता की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से आयोजित एक कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (सीएम हेल्पलाइन) की गहन समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों पर तत्काल और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए, ताकि नागरिक संतुष्ट हों।

लंबित शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश

समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि वर्तमान में सीएम हेल्पलाइन पर विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 92 शिकायतें लंबित हैं। इनमें एल-1 स्तर पर 83 और एल-2 स्तर पर 9 मामले शामिल हैं। विभागवार देखें तो पुलिस विभाग में 17, राजस्व विभाग में 7, नगर पालिका में 6, उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में 5, लघु सिंचाई विभाग में 5, सिंचाई विभाग में 5, वन विभाग में 4 तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और उत्तराखंड पेयजल निगम में 3-3 शिकायतें लंबित हैं। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से उन विभागों को प्राथमिकता देने को कहा जहां अधिक शिकायतें लंबित हैं।

निस्तारण की गुणवत्ता और संतुष्टि पर ध्यान

जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि एल-1 स्तर पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि वे अनावश्यक रूप से एल-2 स्तर तक न पहुंचें। उन्होंने एल-2 स्तर पर लंबित प्रत्येक शिकायत की संबंधित अधिकारियों द्वारा स्वयं गंभीरता से समीक्षा करने और प्रकरण की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर उनकी संतुष्टि प्राप्त करने के भी निर्देश दिए।

संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है सीएम हेल्पलाइन

मनीष कुमार ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन, प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका उद्देश्य केवल शिकायतों का औपचारिक निस्तारण करना नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, प्रभावी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने स्तर पर सीएम हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने, लंबित प्रकरणों की संख्या न्यूनतम रखने तथा प्राप्त शिकायतों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, एपीडी विम्मी जोशी, एसडीएम बी.सी. पंत, एएमए जिला पंचायत अनिल जोशी, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, पुलिस विभाग से अपर उपनिरीक्षक सुभाष सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट, अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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